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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विकसित की स्मार्ट सेंसर युक्त स्वचलित ड्रिप सिंचाई प्रणाली


इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने विकसित की स्मार्ट सेंसर युक्त स्वचलित ड्रिप सिंचाई प्रणाली







खेत में नमी कम होने पर स्वतः होने लगती है फसलों की सिंचाई

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा मृदा नमी पर आधारित स्मार्ट सेंसर युक्त स्वचलित ड्रिप सिंचाई प्रणाली विकसित की गई है। इस प्रणाली के तहत कम लागत वाली मृदा नमी अधारित सेंसर तकनीक विकसित की गई है।जिससे मिट्टी की नमी एक वांछित स्तर तक बनी रहती है और फलों को अधिक से अधिक मृदा नमी का लाभ मिलता है। इस ड्रिप सिंचाई पद्धति में मिट्टी में उपलब्ध नमी वांछित स्तर से कम होने पर सिंचाई स्वतः प्रारंभ हो जाती है जिससे फसलों के लिए पानी की कमी नहीं होती और अच्छी उपज होती है। स्मार्ट सेंसर युक्त होने के कारण इस प्रणाली में सिंचाई जल की काफी बचत भी होती है। 


यह प्रणाली स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिकों डाॅ. धीरज खलखो, डाॅ. एम.पी. त्रिपाठी एवं इंजी. प्रफुल्ल कटरे द्वारा विकसित की गई है।
मृदा नमी आधारित इंटेलिजेन्ट माॅनिटरिंग स्मार्ट सेंसर युक्त स्वचलित टपक सिंचाई प्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए डाॅ. धीरज खलखों ने बताया कि इस प्रणाली का पिछले दो वर्षाें में सफलताा पूर्वक परीक्षण किया जा चुका है। 

उन्होंने बताया कि यह सेंसर सिस्टम विद्युत चालकता सिद्धांत पर काम करता जिसके तहत 4 मिली एम्पियर से 20 मिली एम्पियर विद्युत प्रवाह कुछ मिली सेकंड के अंतराल पर मिट्टी में प्रवाहित किया जाता है। प्रवाहित विद्युत तरंग के विश्लेषण से मिट्टी में उपलब्ध नमी की मात्रा के बारे मे सटीक जानकारी प्राप्त होती है। मिट्टी में उपलब्ध नमी वांछित स्तर से कम होने पर टपक सिंचाई पद्धति स्वतः काम करने लगती है जिससे खेत में वांछित नमी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि विगत दो वर्षों में इस टपक सिंचाई प्रणाली का विभिन्न सब्जी वर्गीय फसलों में सफल परीक्षण किया गया है।


 इस प्रणाली को विकसित करने में मृदा एवं जल अभियांत्रिकी विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थी श्री जीत कुमार और सुश्री प्रीति गंजीर एवं आॅटोमेशन इंजिनीयर्स, रायपुर के श्री पुनीत शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डाॅ. एस.के. पाटील ने पिछले दिनों प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान इस स्मार्ट सेंसर युक्त स्वचलित ड्रिप सिंचाई प्रणाली का अवलोकन किया तथा इसे पानी के सदुपयोग की दृिष्ट से किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों में इस तकनीक का प्रदर्शन करने तथा सब्जियों के अलावा अन्य फसलों में इस प्रणाली के उपयोग हेतु अनुसंधान करने के निर्देश दिए।

  साभार
(संजय नैयर)
सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी
IPRO IGKV

Comments

Soni Bhardwaj said…
Very good innovations. Thanks to all members or this project who are doing imminent efforts for farmers. definately it will be beneficial for all of us.
Unknown said…
Very good Innovations, we should appreciate them.