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कीटनाशक के प्रयोग में बरते ये सावधानियां,नही तो जान भी जा सकती है।

 
कीटनाशक दवाओं के प्रयोग में बरते ये सावधानियां,नही तो जान भी जा सकती है।

कीट प्रबंधन व खरपतवार प्रबंधन में किसान भाई विभिन्न प्रकार के रसायनिक दवाओं का छिड़काव खेतो पर करते है। अधिकांशतः देखा गया है कि किसान भाई रसायनिक दवाओं के छिड़काव के समय सावधानी नही बरतते जिससे कि इनका प्रयोग काफी घातक हो जाता है।

कीटो के प्रबंधन के लिए जैविक कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए परन्तु किसान भाई जो रसायनिक दवाओं का प्रयोग करते है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।



आज की कड़ी में डॉ गजेंन्द्र चन्द्राकर वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक बताएंगे कि कीटनाशक व खरपतवार नाशक का छिड़काव करते समय क्या क्या सावधानी बरतें।

पेस्टीसाइड खरीदते समय बरते ये सावधानी।



जितनी है आवश्यक उतना ही खरीदे।

■सिर्फ उतना ही कीटनाशक खरीदें जितने की उस वक्त ज़रूरत हो। कई बार किसान एक साथ अधिक मात्रा में कीटनाशक खरीद लेते हैं और सोचते हैं कि इसे दोबारा इस्तेमाल करने के लिए रख लेंगे लेकिन ऐसा न करें।

रंगों से पहचाने की किस रसायनिक दवा में कितना है जहर



ये रंगीन निशान रसायनिक दवाओं में जहर की तेजी का मापक होता है

आइए जानते है किस रंग के निशान में कितना है जहर

लाल रंग
यह रंग जहर की तेजी नापने वाले स्केल पर सबसे तेज माना जाता है। जिस कीटनाशक पैकेट के पीछे लाल रंग हो वह सबसे तेज कीटनाशक रसायन की कैटेगरी में शामिल होता है। 

पीला रंग
ह रंग जहर की तेजी नापने वाले स्केल पर दूसरे स्तर का खतरा दर्शाते हैं। इसकी कितनी मात्रा का प्रयोग करना चाहिए पैकेट पर लिखा होता है।

नीला रंग
यह मध्यम तेजी को दर्शाने वाला रंग होता है।

हरा रंग
यह सबसे कम तेजी वाले कीटनाशक रसायन होता है। यह सबसे कम तेजी वाला कीटनाशक होते हैं, जितनी कीटनाशकों के प्रयोग की आवश्यकता होती है उतनी ही सावधानी बरतने की जरूरत होती है। यदि इनका सही से इस्तेमाल न किया गया तो यह मनुष्य एवं अन्य जीव-जंतुओं के लिए घातक हो सकते हैं। इसलिए इनका सावधानी पूर्वक इस्तेमाल करना चाहिए।


शील टूटी हुई बोतलों को कभी ना खरीदे।

■ कभी भी कीटनाशक की सील टूटी हुई शीशी न खरीदें या इसे खुला हुआ न खरीदें। ध्यान रखें कि इसका कंटेनर लीक भी न कर रहा हो।
उचित या स्वीकृत लेबल के बिना कीटनाशक को न खरीदें।
■ घर में कीटनाशक कभी भी न रखें।
■ पानी और सूरज की रोशनी की पहुंच से दूर रखें
■कीटनाशक और खरपतवार नाशक को एक साथ न रखें।

कीटनाशक तैयार करते समय ये सावधानी बरतें।

करे साफ पानी का प्रयोग

■जब आप कीटनाशक को खेत में स्प्रे करने के लिए तैयार कर रहे हों तो उसमें साफ पानी का इस्तेमाल करें।


संवेदन शील अंगों को ढककर रखे



हमेशा अपने हाथ, नाक, आंखें, कान और मुंह को ठक लें। सिर को भी कैप से ढक लें।

करे पॉलीथिन बैग्स व मास्क का प्रयोग


■हाथों को ढकने के लिए पॉलीथिलिन बैग्स से बने दस्ताने पहनें, सिर को ढकने के लिए पॉलीथिलिन बैग का इस्तेमाल न करें, सिर को कैप या तौलिये से ढकें और चेहरे को रुमाल, साफ कपड़े या मास्क से ढकें।

कीटनाशक के लेबल को ध्यान से पढ़े

■स्प्रे का घोल तैयार करने से पहले कंटेनर के ऊपर लगे लेबल को पढ़ लें। उसमें घोल तैयार करने का तरीका लिखा होता है।

बोतल खोलते समय रखे ध्यान

■सांद्रित कीटनाशक को खोलते समय विशेष ध्यान रखें कि वो आपके हाथ पर न गिरे।

स्प्रे करते समय बरते ये सावधानियां।

■ स्प्रेयर टैंक को कभी न सूंघें। स्प्रेयर टैंक को भरते समय ध्यान रखें कि कीटनाशक ज़मीन पर न फैले।स्प्रेयर तैयार करते समय कुछ खाएं, पिएं, चबाएं या नशा न करें।

लीक स्प्रेयर का प्रयोग ना करे।

■लीक करने वाला या कहीं से भी डिफेक्टिव उपकरण को स्प्रे करने के लिए न लें
नोज़ल सही होनी चाहिए।

नोजल को मुंह से ना फूंके।

कभी भी नोज़ल को मुंह से फूंक कर साफ नहीं करना चाहिए। इसके लिए स्प्रे से बंधे पुराने टूथब्रश का उपयोग करें और पानी से साफ करें।

■ किसान अपने मुंह से फूंककर कीटनाशक का पाइप साफ कर रहा है जो गलत है।

■ खरपतवार नाशक और कीटनाशक को कभी भी एक स्प्रेयर से स्प्रे न करें

■ खाली कीटनाशक कंटेनर को किसी भी दूसरे काम में इस्तेमाल न करें

■ कृषि वैज्ञानिक द्वारा बताई गई या कीटनाशक के कंटेनर पर लिखी मात्रा में ही में छिड़काव करें।
■ बहुत गर्म दिन में या जिस दिन तेज़ हवा चल रही हो कीटनाशक का छिड़काव न करें।

हवा की बहाव का रखे ध्यान

■हमेशा हवा के 90 डिग्री कोण पर छिड़काव करें।
■जब बारिश होने वाली हो तब या बारिश होने के तुरंत बाद छिड़काव न करें।

■हवा के बहाव की विपरीत दिशा में छिड़काव न करें।
■नोजल की ऊंचाई करीब डेढ़ फुट रखें व इधर उधर न घुमाएं।

छिड़काव के बाद बरते ये सावधानी

कीटनाशक के छिड़काव के बाद जानवरों या किसी भी व्यक्ति को खेत में न जाने दें। कभी भी खाली पेट छिड़काव न करें। कीटनाशक तैयार करते वक्त शरीर को जिस तरह ढका था उसी तरह इसका छिड़काव करते भी ढक लें। छिड़काव के बाद सारे कपड़े गर्म पानी में साबुन से धोएं और साबुन से नहा लें।

बचत कीटनाशक का ऐसे करे निपटारा

■स्प्रे करने के बाद बचे हुए कीटनाशक को कभी भी किसी तालाब, कुएं आदि या किसी भी पानी के स्रोत में न बहाएं बल्कि कोशिश करें कि इसे ऐसी बंजर ज़मीन पर फेंकें किसी की का आना - जाना न हो।
■खाली कंटेनर को किसी पत्थर से तोड़कर उसे पानी से दूर कहीं जमीन में गहरा गड्ढा खोदकर दबा दें।
■स्प्रेयर और बाल्टी को इस्तेमाल करने के बाद साबुन से 4-5 बार धोएं।

अगर गलती से कर लिया कीटनाशक का सेवन तब ये करे।



■अगर किसी ने कीटनाशक खा लिया है या गलती से मुंह में चला गया है, तो एक गिलास में गुनगुने पानी में दो चम्मच नमक मिलाकर उल्टी करानी चाहिए।
■ गुनगुने पानी में साबुन घोलकर देना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति ने कीटनाशक सूंघ लिया हो, तो जल्दी ही उसे खुले स्थान पर ले जाना चाहिए और शरीर के कपड़े ढीले कर देना चाहिए।

किसान भाई कीटो के ETL लेवल (आर्थिक क्षति स्तर) का ध्यान रखते हुए ही रसायनिक दवाओं का छिड़काव करें।तातपर्य यह है कि इतने कीट धान की खेत मे दिखे,तब ही कीटनाशक का छिड़काव करें।


साभार
डॉ गजेंन्द्र चन्द्राकर
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर

तकनीक प्रचारक








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