सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) कैसे बनता है:-
सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) एक ऐसा खाद है। जो फसलों को फॉस्फोरस देता है। फॉस्फोरस पौधों की जड़ों को मजबूत करता है और उनकी बढ़ोतरी में मदद करता है।
1. कच्चा माल: फॉस्फेट का पत्थर
ये एक खास तरह का पत्थर होता है, जिसमें फॉस्फोरस भरा होता है। इसे खदान से निकालकर बारीक-बारीक पीस लिया जाता है, जैसे आटा चक्की में पिसता है। ऐसा करने से ये पाउडर आसानी से तेजाब के साथ मिल जाता है।
2. पत्थर को तेजाब के साथ मिलाना
पिसे हुए पत्थर को सल्फ्यूरिक तेजाब (एक रसायन) के साथ मिलाते हैं। ये काम बड़े मिक्सर में होता है।
इस मिलावट से दो चीजें बनती हैं:
मोनोकैल्शियम फॉस्फेट: ये फॉस्फोरस देता है, जो पौधों की जड़ों और फूलों के लिए जरूरी है।
जिप्सम: ये मिट्टी को कैल्शियम और गंधक (सल्फर) देता है, जो मिट्टी और पौधों को ताकत देता है।
इस दौरान थोड़ी गर्मी निकलती है, और इसे सावधानी से किया जाता है।
3. मिश्रण को पकने देना
तेजाब और पत्थर के मिलने के बाद जो मिश्रण बनता है, उसे 2 से 4 हफ्तों तक रखा जाता है। इसे "पकने" देना कहते हैं, जैसे दही जमाने के लिए रखते हैं। इस दौरान मिश्रण अच्छे से तैयार हो जाता है।
4. छोटे-छोटे दाने बनाना
तैयार मिश्रण को मशीन में डालकर छोटे-छोटे दाने बनाए जाते हैं, जैसे बाजार में मिलने वाले खाद के दाने। ये दाने खेत में डालने में आसान होते हैं और धूल भी कम उड़ाते हैं।
इन्हें सुखाने के लिए ड्रायर में डाला जाता है, ताकि दाने सख्त हो जाएं।
5. बैग में भरना
आखिर में, इन दानों को बैग में पैक करके बाजार में भेजा जाता है।
SSP में क्या होता है?
16-20% #फॉस्फोरस: पौधों की जड़ों और फूलों को मजबूत करता है।
11-12% गंधक (#सल्फर): मिट्टी को ताकत देता है।
19-21% #कैल्शियम: मिट्टी और पौधों को मजबूती देता है।
#SSP क्यों अच्छा है?
ये पानी में जल्दी घुलता है, तो पौधे इसे आसानी से सोख लेते हैं।
मूंगफली, गन्ना, गेहूं जैसी फसलों के लिए बहुत अच्छा है।
सस्ता है और मिट्टी को लंबे समय तक बेहतर बनाता है।
कैसे इस्तेमाल करें?
बुआई के समय खेत में डालें और मिट्टी में अच्छे से मिला दें। इससे जड़ें मजबूत होंगी और फसल अच्छी होगी।

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