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डायमोनियम फॉस्फेट (DAP) खाद कैसे बनती है, इसे हम आसान और देसी भाषा में समझते हैं, ताकि हमारे किसान भाई इसे अच्छे से समझ सकें।

 डायमोनियम फॉस्फेट (DAP) खाद कैसे बनती है, इसे हम आसान और देसी भाषा में समझते हैं, ताकि हमारे किसान भाई इसे अच्छे से समझ सकें।




 #DAP खाद फसलों को ताकत देने के लिए बहुत अच्छी होती है, क्योंकि इसमें #नाइट्रोजन और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में होता है।


1.पत्थर से #फॉस्फोरिक एसिड बनाना

   - सबसे पहले एक खास तरह का पत्थर लिया जाता है, जिसे फॉस्फेट चट्टान कहते हैं। ये पत्थर खदानों से निकाला जाता है।

   - इस पत्थर को #सल्फ्यूरिक एसिड (एक तरह का तेजाब) के साथ मिलाया जाता है। इससे फॉस्फोरिक एसिड बनता है, जो DAP का मुख्य हिस्सा है। साथ में जिप्सम नाम का एक बेकार पदार्थ भी निकलता है, जिसे अलग कर लिया जाता है।

   - अब इस फॉस्फोरिक एसिड को गाढ़ा किया जाता है, ताकि ये DAP बनाने के लिए तैयार हो जाए।


2.अमोनिया तैयार करना

   - DAP बनाने के लिए #अमोनिया गैस चाहिए। ये गैस हवा में मौजूद नाइट्रोजन और प्राकृतिक गैस से बनाई जाती है। 

   - इसे बनाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनों में गर्मी और दबाव का इस्तेमाल होता है। फिर अमोनिया को ठंडा करके तरल रूप में रखा जाता है।


3.फॉस्फोरिक एसिड और अमोनिया को मिलाना

   - अब फॉस्फोरिक एसिड को अमोनिया के साथ एक बड़े बर्तन में मिलाया जाता है। 

   - पहले इस मिश्रण से मोनोअमोनियम फॉस्फेट (MAP) बनता है। फिर और अमोनिया मिलाकर डायमोनियम फॉस्फेट (DAP) तैयार होता है।

   - ये प्रक्रिया गर्मी पैदा करती है, इसलिए इसे सावधानी से किया जाता है। इससे एक गीला-सा मिश्रण बनता है, जो DAP का कच्चा रूप होता है।


4.खाद के दाने बनाना

   - इस गीले मिश्रण को एक मशीन में डाला जाता है, जो इसे छोटे-छोटे दानों में बदल देती है। 

   - फिर इन दानों को गर्म हवा से सुखाया जाता है, ताकि वे सख्त और मजबूत हो जाएं।

   - सूखने के बाद दानों को ठंडा किया जाता है, जिससे वे आपस में चिपके नहीं।


5.दानों को छानना और सही आकार देना

   - अब इन दानों को छानकर एक समान आकार के दाने अलग किए जाते हैं। 

   - जो दाने बड़े या छोटे होते हैं, उन्हें फिर से मशीन में डालकर सही आकार दिया जाता है।

   - तैयार DAP खाद में 18% नाइट्रोजन और 46% फॉस्फोरस होता है, जो फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है।


6. पैकिंग और स्टोरेज

   - दानों को चिपकने से बचाने के लिए उन पर एक खास परत चढ़ाई जाती है, जैसे कोई पाउडर।

   - फिर इस खाद को बोरी में पैक किया जाता है, ताकि किसानों तक आसानी से पहुंच सके।


7.गुणवत्ता की जांच

   - हर कदम पर खाद की जांच होती है, ताकि ये पक्का हो कि खाद अच्छी और सही बनी है।

   - फैक्ट्री में धूल और गैस को भी कंट्रोल किया जाता है, ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो।


खास बातें

   -साफ-सुथरा माल: अच्छी खाद बनाने के लिए पत्थर और तेजाब की शुद्धता बहुत जरूरी है।

   -पर्यावरण का ध्यान: #जिप्सम और गैस जैसे बेकार पदार्थों को सही तरीके से संभाला जाता है।

   - ऊर्जा की जरूरत: ये प्रक्रिया काफी #बिजली और #गैस मांगती है, खासकर अमोनिया बनाने और दाने सुखाने में।


DAP खाद बनाने के लिए पत्थर से फॉस्फोरिक एसिड बनाया जाता है, फिर इसे अमोनिया के साथ मिलाकर खाद तैयार की जाती है। इसके बाद दाने बनाए, सुखाए और पैक किए जाते हैं। ये सारी प्रक्रिया इस तरह की जाती है कि किसानों को अच्छी और सस्ती खाद मिले, जो उनकी फसलों को ताकत दे।



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