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जैविक खेती:- सरसों खली या मस्टर्ड केक के फायदे, जो फसल को बनाए बेहतर

  
 जैविक खेती:- सरसों खली या मस्टर्ड केक के फायदे, जो आपकी फसल को बनाए बेहतर।


पौधों के विकास और मिट्टी में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए पर्यावरण के अनुकूल जैविक उर्वरक के रूप में मस्टर्ड केक का उपयोग करना बेहद लाभकारी होता है। एनपीके (NPK) का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत होने के कारण मस्टर्ड केक को गार्डनिंग के अलावा डेयरी उद्योग में भी उपयोग किया जाता है। मस्टर्ड केक प्रोटीन, अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और टैनिन का एक अच्छा स्रोत है। इसके अलावा अन्य पोषक तत्वों के साथ-साथ यह अच्छा फ़र्टिलाइज़र और कीटनाशक भी है। सरसों की खली को पौधों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि और मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए एक अच्छा जैविक उर्वरक माना जाता है।


मस्टर्ड केक क्या है? आर्गेनिक गार्डनिंग के लिए सरसों की खली का उपयोग कब और कैसे करना है? सरसों की खली का NPK कितना होता है? के साथ साथ सरसों खली को उपयोग करने के तरीके और पौधों के लिए इसके फायदे के बारे में जाननें के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें।


मस्टर्ड केक क्या है?
सरसों के बीज से तेल निकालने के बाद बचा हुआ ठोस अवशेष मस्टर्ड केक या सरसों की खली कहलाता है। सरसों की खली या पाउडर एनपीके (NPK) का एक प्राकृतिक स्रोत है, जिसका विशिष्ट NPK (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम) अनुपात 4-1-1 होता है।

मस्टर्ड केक या सरसों की खली का उपयोग आर्गेनिक फ़र्टिलाइज़र (organic fertilizer) के रूप में किया जाता है क्योंकि इसमें पोटैशियम, नाइट्रोजन, प्रोटीन, मैग्नीशियम, सल्फर और फास्फोरस इत्यादि पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा पाई जाती है। सरसों की खली में पाए जाने वाले पोषक तत्व गार्डन के पौधों के विकास के लिए फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा, मस्टर्ड केक पर्यावरण के अनुकूल है, और इसका पौधों पर कोई भी हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता है।

सरसों खली का NPK अनुपात

सरसों की खली या पाउडर एनपीके (NPK) का एक प्राकृतिक स्रोत है, जिसका विशिष्ट NPK (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम) अनुपात 4-1-1 है। इसके अलावा मस्टर्ड केक से प्रोटीन, मैग्नीशियम, सल्फर अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट और टैनिन भी भरपूर मात्रा में प्राप्त होता है।

मस्टर्ड केक (सरसों की खली) के फायदे

मिट्टी में मस्टर्ड केक पाउडर मिलाने से पौधों की जड़ों से सम्बंधित रोगों के होने का ख़तरा बहुत कम हो जाता है।‘

जिस पौधे में फूल और फल नहीं आ रहे हैं या बहुत कम आ रहे हैं, तो इस स्थिति में मस्टर्ड केक (सरसों की खली) का उपयोग करना चाहिए। सरसों की खली पौधों की उपज बढ़ाने में बहुत उपयोगी होती है। इसे खाद के रूप में मिट्टी में डाला जाता है। फूलों वाले पौधों में हर 15 से 20 दिन पर उपयोग में लाते है। फलों वाले पौधों में इसके प्रयोग से फल ज्यादा और जल्दी लगते हैं और फल की गुणवत्ता भी अच्छी होती है।


रासायनिक उर्वरक के स्थान पर मस्टर्ड केक का प्रयोग एक बेहद जैविक उर्वरक है जिसका पौधों और मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। इसका मुख्य उपयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढाने के लिए उपयोग में लाया जाता है।
सरसों की खली केंचुओं के लिए हानिकारक नहीं होती हैं। बल्कि यह मिट्टी में पाए जाने वाले केंचुओं के लिए एक पोष्टिक भोजन का कार्य करती है।
सरसों की खली में नाइट्रोजन 2 प्रतिशत, पोटाश 1.2 प्रतिशत तथा फास्फोरस 1.8 प्रतिशत पाया जाता है। इसलिए सरसों की खली जैविक खाद के रुप में तथा पशु पोषक तत्वों दोनों तरह से उपयोगी है।

जैविक उर्वरक के रूप में सरसों की खली का उपयोग –
प्राचीन काल से ही फूलों और सब्जियों के पौधों के लिए जैविक खाद (organic fertilizer) के रूप में सरसों की खली या मस्टर्ड केक का उपयोग किया जा रहा है। यह पौधे को पनपने के लिए धीमी गति से सभी आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (micronutrients) प्रदान करता है। यह उर्वरक लंबे समय तक मिट्टीको पोषक तत्व प्रदान करता है। इसके निर्माण में किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता है, इस बजह से सरसों की खली पूरी तरह से आर्गेनिक होती है।

सरसों की खली का उपयोग कीटनाशक के रूप में –
मिट्टी में सरसों की खली या मस्टर्ड केक पाउडर डालने से यह पौधे की रूट रोट फंगी (root rot fungi) के कारण होने वाले फंगस इन्फेक्शन से सुरक्षा करता है। इसके अलावा, यह नेमाटोड (nematodes) और एफिड्स (aphides) जैसे कीटों को भी नियंत्रित करता है। अतः मस्टर्ड केक एक अच्छा पेस्टिसाइड होता है।

सरसों खली (मस्टर्ड केक) का प्रयोग कब करें –

20 से 40 दिनों के अंतराल से आप सरसों की खली का प्रयोग अपने गार्डन की मिट्टी में तरल (घोल के रूप में) या पाउडर के रूप में कर सकते हैं। इसे आप गार्डन की मिट्टी तैयार करते समय, पौधे की वृद्धि के दौरान या फल और फूलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए आप उपयोग में ला सकते हैं। मिट्टी या पानी से साथ सरसों की खली का इस्तेमाल करते समय इनकी मात्रा का अनुपात 10:1 होना चाहिए, अर्थात 10 भाग पानी या मिट्टी में 1 भाग या इससे कम सरसों खली को मिलाना चाहिए।

गर्मी के समय मस्टर्ड केक का इस्तेमाल करते समय सावधानी रखनी चाहिए। गर्मी के दिनों में अधिक मात्रा में सरसों की खली का इस्तेमाल न करें और इस्तेमाल करने के दौरान इसके घोल में अधिक पानी मिलाकर तरल कर लेना चाहिए और पौधे को समय समय पर पानी देते रहना चाहिए।

कैक्टस, अडेनियम (Adenium) और इनडोर प्लांट्स (indoor plants) पर सरसों खली को खाद के रूप में उपयोग न करें ।

पौधों के लिए सरसों खली प्रयोग करने की विधि
गार्डन और गमले में लगे पौधों के लिए सरसों की खली का इस्तेमाल करने के निम्न तरीके हैं:

सरसों खली का उपयोग पाउडर खाद के रूप में –
सरसों की खली का इस्तेमाल करना बेहद आसान होता है। सरसों की खली को पीसकर उसका पाउडर बना लें या आप मस्टर्ड केक पाउडर को भी खरीद सकते हैं। अब इस पाउडर को आप सब्जी या फूलों के पौधों की ऊपरी मिट्टी पर जैविक खाद के रूप में 20 ग्राम मस्टर्ड केक पाउडर मिलाकर मिट्टी की गुड़ाई कर सकते हैं। मस्टर्ड केक पाउडर डालने के बाद मिट्टी को पानी जरुर दें।

तरल खाद के रूप में सरसों खली का इस्तेमाल –
एक तरल उर्वरक के रूप में भी मस्टर्ड केक का उपयोग करना सर्वाधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। 100 ग्राम सरसों की खली को किसी मिट्टी के बर्तन या प्लास्टिक की बाल्टी में लेकर 1 लीटर पानी में अच्छे से मिलाकर घोल को 2-3 दिनों के लिए किण्वित (Ferment) होने के लिए रख दें। इसके बाद घोल में 2 से 5 लीटर पानी मिला लें। अब इस तरल उर्वरक को आप फूलों और सब्जियों के पौधों की मिट्टी में सीधे तौर पर डाल सकते हैं। ध्यान रखें सरसों की खली को अधिक तनु या तरल करने के बाद ही उपयोग में लायें।

मिट्टी तैयार करते समय खाद के रूप में सरसों खली का उपयोग
कोको पीट (coco peat), रेत (sand), बोन मील (Bone Meal) और बगीचे की मिट्टी (garden soil) जैसे अन्य भागों के साथ, आप सरसों खली को भी मिक्स कर फूलों और सब्जियों के पौधों का रोपण करने के लिए गमलों की मिट्टी को तैयार कर सकते हैं। गमले की मिट्टी तैयार करते समय मिट्टी के मिश्रण में केवल 1 भाग मस्टर्ड केक या सरसों खली को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा 10 भाग मिट्टी में 1 भाग सरसों की खली को शामिल करना लाभदायक होता है। उचित मात्रा में सरसों की खली का उपयोग करने से सब्जी और फूलों की पैदावार में बढ़ोतरी होती है। मिट्टी तैयार करने के तुरंत बाद पौधा रोपण न करें, इसके लिए लगभग 1 सप्ताह का समय दें।

सरसों की खली का प्रयोग करते समय सावधानियां –

सरसों की खली किण्वन के पश्चात तीव्र गंध उत्पन्न करती है, अतः इसे इनडोर प्लांट में उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा सरसों खली को इस्तेमाल करने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए। मस्टर्ड केक का उपयोग करने के दौरान दस्ताने पहनें और आंखों को छूने से बचें, क्योंकि इससे आंखों में जलन हो सकती है।

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