💁🏼♀️अगर आप धान की खेती में MOP डाले तो उसके फायदे:
1. जड़ और तनों की मजबूती —
पोटाश पौधों की जड़ों को मजबूत करता है और तने को मोटा व सीधा खड़ा रहने में मदद करता है।
इससे धान की फसल गिरने (lodging) से बचती है।
2. बीमारी और कीट प्रतिरोधक क्षमता —
पोटाश पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
धान को झुलसा, धब्बा रोग, ब्लास्ट जैसी बीमारियों और कीटों के हमले से बचाने में सहायक है।
3. धान की बालियों और दानों की गुणवत्ता —
पोटाश डालने से दाने भरपूर और अच्छे आकार के होते हैं।
दाने में चमक व वजन बढ़ता है, जिससे मंडी में अच्छा भाव मिलता है।
4. धान की उपज में वृद्धि —
पोटाश पौधे में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया को तेज करता है।
इससे पौधे में अधिक ऊर्जा बनती है और उपज में 15-20% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
5. पानी और पोषक तत्वों का संतुलन —
धान की फसल लगातार पानी में रहती है, पोटाश पौधे के अंदर पानी का संतुलन बनाए रखता है।
इससे सूखे या ज्यादा पानी की स्थिति में पौधे को सहनशीलता मिलती है।
💁🏼♀️धान में MOP (पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ —
• 20–30 किलो MOP (पोटाश) प्रति एकड़
• हल्की जमीन (रेतीली/बलुई): 25–30 किलो प्रति एकड़
• मध्यम/भारी जमीन (दोमट–काली मिट्टी): 20–25 किलो प्रति एकड़
💁🏼♀️MOP डालने का समय (प्रति एकड़ 20–30 किलो)
1. पहला प्रयोग –
• रोपाई के 15–20 दिन बाद (Active tillering stage)
• आधी मात्रा (50%) डालें।
• इससे पौधा मजबूत जड़ें और तना बनाता है।
2. दूसरा प्रयोग –
• फूल आने से 7–10 दिन पहले (Panicle initiation stage)
• बची हुई आधी मात्रा (50%) डालें।
• इससे दाने अच्छे भरते हैं और उत्पादन बढ़ता है👍🏻👍🏻

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