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राज्य स्तरीय कृषि मेला:- कृषि के नवीन तकनीकों की जानकारी लेने फिंगेश्वर के कृषक हुए बिलासपुर रवाना।

  राज्य स्तरीय कृषि मेला:- कृषि के नवीन तकनीकों की जानकारी लेने फिंगेश्वर के कृषक हुए बिलासपुर रवाना। ⭕ विधायक प्रतिनिधि करीम खान एवम मीडिया प्रभारी टिकेश साहू ने दिखाई हरी झंडी  राज्य स्तरीय कृषि मेला का आयोजन इस वर्ष न्यायधानी बिलासपुर में किया गया है ,यह मेला 3 दिवस का था जिसका आज दिनांक 15-04-2022 को समापन माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के हांथो होना है।  मेले में कृषि के नवाचारों को सीखने के लिए फिंगेश्वर अंचल के कृषक अपनी सहभागिता देने आज बिलासपुर साइंस कॉलेज मैदान पहुंच रहे है।  गौरतलब है कि इस मेले में कृषक पाठशाला का आयोजन कर कृषि विज्ञानियों और कृषि विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करने और इसके जरिए जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।  विशेषज्ञों ने आधुनिक खेती की ओर फोकस किया है। इसके अलावा नकद फसल लेने पर जोर दे रहे है। राज्य सरकार ने कृषि मेले का नया नाम दिया है "समृद्धि मेला" इसमें प्रदेश के सभी जिलों से किसान शामिल हो रहे हैं।  किसानों की सहभागिता के लिए कृषि विभाग के अलावा जनपद व जिला पंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई ...

खरीफ बीज:-इन दरों पर उपलब्ध होगा खरीफ वर्ष 2022 में कृषको को बीज

   खरीफ बीज:-इन दरों पर उपलब्ध होगा खरीफ वर्ष 2022 में कृषको को बीज  छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (छ. ग. शासन का उपक्रम) बीज भवन जी ई रोड तेलीबांधा ने जारी की खरीफ वर्ष 2022 में अनाज,दलहन एवं तिलहन बीजो की विक्रय दर जो कि निम्नानुसार है।

धान के प्रमुख कीट व उनके प्रबंधन के उपाय

कैप्सूल कल्चर-5 रुपए का कैप्सूल खेत में ही पराली को बनाएगा जैविक खाद, घोल बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

5 रुपए का कैप्सूल खेत में ही पराली को बनाएगा जैविक खाद, घोल बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान। हर साल सर्दियों में पंजाब और हरियाणा में जलाई जाने वाली पराली से दिल्लीे-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या खड़ी हो जाती है. इस कारण लोगों का सांस लेना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में मौसम विभाग और डॉक्टोरों को वायु प्रदूषण से बचने के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ती है। अब इस समस्‍या से छुटकारा दिलाने के लिए इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (Indian Agricultural Research Institute) ने एक ऐसा कैप्सूल (Capsule) बनाया है, जो कि पराली जलाने के झंझट को ही खत्म कर सकता है. खास बात यह है कि इस कैप्सूल के इस्‍तेमाल से पराली को जैविक खाद (Compost) में बदला जा सकता है. वैज्ञानिकों ने 15 साल में बनाया कैप्‍सूल यह कैप्सूल पराली को जैविक खाद में बदला सकता है. यह सबसे आसान और सस्ता तरीका है. अगर किसान को 1 एकड़ जमीन में लगी पराली को जैविक खाद में बदलना है, तो इसमें सिर्फ 4 कैप्सूल की जरूरत पड़ेगी. यानी किसान सिर्फ 20 रुपए में 1 एकड़ कृषि भूमि (Agri Land) में खड़ी पराली को आसानी जैविक खाद में बदल सकता है...

बैंगन में फली छेदक और झुलसा की अचूक दवा*

* 🍆 बैंगन में फली छेदक और झुलसा की अचूक दवा * 🍆 बैंगन की खेती करने वाले किसान अक्सर कीट-रोगों से परेशान रहते हैं। 🐛 खासकर फली छेदक और झुलसा रोग से किसानों को काफी नुकसान होता है जिससे 🍆 बैंगन की पूरी फसल खराब हो जाती है। आज की ▶️ वीडियो में हम जानेंगे बैंगन की फसल से कैसे करें कीट-रोगों का प्रबंधन- 🍆 बैंगन की फसल को फली छेदक और झुलसा रोग से बचाने के लिए कई तरह की दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें- 🟢 एमेमेक्टिन बेंजोएट 5 एसजी @ 0.5 ग्राम प्रति लीटर 🟠 फ्लुबेंडियामाइड (फेम) @ 0.5 मिली प्रति लीटर 🟣 फिप्रोनिल (रीजेंट) @ 0.4 मिली प्रति लीटर 🟢 क्लोरॅन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 का छिडकावं   एससी (कोराजन) @ 0.4 मिली प्रति लीटर 🔴 सुपर डी 30 मिली / 15 लीटर पानी (क्लोरपाइरीफोस 50% और साइपरमेथ्रिन 5% डब्लयू / डब्लूयएल) 🟠 प्रोरिन 30 मिली / 15 लीटर पानी (प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% ईसी) 🟢 6 मिली / 15 लीटर पानी (क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5% एससी) 🟣 एम्प्लिगो 8 मिली / 15 लीटर पानी ((क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (10%) + लैम्बडासिहलोथ्रिन (5%) जेडसी-) 🟠 डेसिस 100 - 20 मिली / 15 लीटर पान...

टमाटर के कीट/रोगों से मिलेगा अब छुटकारा

* 🍅इस स्प्रे से होगी टमाटर में रोगों की छुट्टी * 🍅 टमाटर की उपलब्धता भारतीय बाजार में 12 महीने रहती है। 🌦️ आप इसे किसी भी मौसम में खरीद सकते हैं। यही वजह है कि टमाटर भारतीय किसानों की पसंदीदा फसल है। 🐛 लेकिन इसमें लगने वाले रोगों से ज्यादातर किसान परेशान रहते हैं। आज की ▶️ वीडियो में हम जानेंगे टमाटर की फसल से रोगों को कैसे भगाएं। ▶️ वीडियो देखने के लिए ऐप अपडेट करें। 🍅 टमाटर में लगने वाले रोग/कीट- अभी टमाटर की फसल 30- 60 दिन की अवस्था में हैं। ऐसे में टमाटर में लगने वाले प्रमुख कीट- हरा तेला, सफेद मक्खी, फल छेदक कीट एवं तम्बाकू की इल्ली एवं प्रमुख रोग- अगेती झुलसा और पछेती झुलसा , फल सड़न का प्रकोप होता हैं। इनके नियंत्रण के लिए किसान भाई कई तरह की दवाओं का प्रयोग करते हैं। सात ही बहुत से किसान भाई सही दवा का चयन नहीं कर पाते है। 👉 सभी कीटों के लिए - थायमेथोक्साम 12.6%+ लैम्ब्डा सायहलोथ्रिन 9.5% यह एक दोहरी प्रणाली वाली कीटनाशक हैं। ये टमाटर के सभी कीटों को नियंत्रित करता हैं। इसकी 8 मिली मात्रा प्रति पम्प उपयोग करते हैं। साथ में रोग नियंत्रण के लिए क्लोरोथालोनिल 75%, 400...

PM किसान:- अप्रैल माह में आने वाली है PM किसान की अगली किस्त, 31 मार्च से पहले कराना होगा e-KYC

PM किसान:- अप्रैल माह में आने वाली है PM किसान की अगली किस्त 31 मार्च से पहले कराना होगा e-KYC प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पंजीकृत भू-धारक कृषकों को तीन किस्तो में रू. 6000/- प्रति वर्ष सहायता राशि प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा सही हितग्राही को लाभ पहुचाने के लिए e-KYC अनिवार्य किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 के प्रथम किस्त अप्रैल माह में दिया जाना हैं। योजना का लाभ लेने के लिए PMKisan में पंजीकृत कृषक सी.एस.सी मे जाकर अथवा स्वयं सीधे पोर्टल मे अथवा क्षेत्रीय कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते है। भारत सरकार द्वारा e-KYC के लिए सी.एस.सी. हेतु राशि15 रूपये प्रति किसान शुल्क निर्धारित की गई है। अतः किसान भाईयों से अपील की जाती है कि 31 मार्च 2022 तक अनिवार्यतः e-KYC करवा ले, ताकि सहायता राशि समय पर मिल सके। e-KYC संबंधित समस्या के समाधान के लिए अपने क्षेत्रीय कृषि अधिकारी एवं विकासखण्ड कार्यालय में संपर्क कर सकते है। किसान किस तरह स्वयं कर सकते है e-KYC जानने के लिए ये वीडियो अवश्य देखे। 👇 e-KYC संबंधित समस्या के समाधान के लिए अपने क्षेत्रीय कृषि अधिकारी एव...